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Welcome to Department of Hindi


 विवेकानंद शिक्षण संस्था द्वारा संचलित विवेकानंद कला सरदार दिलीपसिंग वाणिज्य व विज्ञान महाविद्यालय, औरंगाबाद की स्थापना जून 1971 में कै. पंढरीनाथ भाऊ ढाकेफळकर जी के करकमलों द्वारा की गयी। महाराष्ट्र के मराठवाडा संभाग के ग्रामीण क्षेत्र के अध्ययनशील विद्यार्थीयों के लिए यह संस्था कार्य करती हैं। हिंदी विभाग में साहित्यिक, चिंतक, विचारवंत, प्राधानाचार्य आदि महानुभावों ने अपना योगदान दिया हैं। जिनमें प्राचार्य गाभुड सर, डॉ. चंद्रदेव कवडे, डॉ. नारायण शर्मा जैसे ज्येष्ठ एवं श्रेष्ठ अध्यापक गनों का अमूल्य योगदान रहा है। साथ ही मराठवाडा की पहिली हिंदी महिला कथाकार श्रीमती निर्मला चौहाण भी विभाग से जुडी रही। इस विभाग ने हमेशा छात्रों को सर्वगुण संपन्न बनाने का प्रयास किया है। हिंदी विभाग के अध्यापकगण  रिसर्च गाईड है।

KEY HIGHLIGHTS

हिंदी विभाग की विशेषताएँ:

  • विविध क्षेत्रों के अनुभवी एवं सक्षम अध्यापकों के व्याख्यानों का आयोजन
  • प्रतिवर्ष हिंदी दिवस के उपलक्ष में युवा कहानी लेखन प्रतियोगिता का आयोजन
  • एम.ए. के छात्रों के लिए नेट / सेट कार्यशाला का आयोजन
  • हिंदी दिवस, क्षेत्र भेट, विभिन्न रचनाकारों की जयंती आदि छात्राभिमुख उपक्रमों का आयोजन
  • रोजगारोन्मुख पाठयक्रम (बी.ए., एम.ए.)
  • हिंदी अध्ययन  अध्यापन के लिए प्रोत्साहन
  • हिंदी विभाग की अपनी ग्रंथ संपदा ग्रंथालय के रुप में छात्रों को सुविधा
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